jai maa aawad karni
जयअम्बे करणी,मैया जय अम्बे करणी!
भक्त जनन भय संकट, पल छिन में हरणी! ॐ जय अम्बे….
आदि शक्ति अविनाशी,वेदन में वरणी!
अगम अन्नत अगोचर,विश्व रूप धरणी!ॐ जय अम्बे….
काली तू किरताली, दुर्गे दुःख हरणी!
चंडी तू चिरताली, ब्राह्मणी वरणी !ॐ जय अम्बे….
लक्ष्मी तू हिंगलाजा,आवड़ अघ हरणी!
दत्य दलण डाढाली, अवनी अवतरणी! ॐ जय अम्बे….
ग्राम सुवाप सुहाणो , धिन थलहट धरणी!
देवल माँ मेहा घर, जन्मी जग जननी! ॐ जय अम्बे….
राज दियो रिड़मल ने, कानो खय करणी!
धेन दुहत बणिये की, तारी कर तरणी!ॐ जय अम्बे….
शेखो लाय सिंध सूं, पेथड़ आचरणी!
दशरथ धान दिपायो, सांपू सुख शरणी!ॐ जय अम्बे….
जेतल भूप जिताड़्यो, कमरू दल दलणी!
प्राण बचाए बखत के , पीर कला हरणी! ॐ जय अम्बे….
परचा गिण नही पाऊ, माँ अशरण शरणी!
सोहण चरण शरण में,दास अभय करणी! ॐ जय अम्बे….
ॐ जय अम्बे करणी,मैया जय अम्बे करणी!
भक्त जनन भय संकट, पल छिन में हरणी।।
जयअम्बे करणी,मैया जय अम्बे करणी!
भक्त जनन भय संकट, पल छिन में हरणी! ॐ जय अम्बे….
आदि शक्ति अविनाशी,वेदन में वरणी!
अगम अन्नत अगोचर,विश्व रूप धरणी!ॐ जय अम्बे….
काली तू किरताली, दुर्गे दुःख हरणी!
चंडी तू चिरताली, ब्राह्मणी वरणी !ॐ जय अम्बे….
लक्ष्मी तू हिंगलाजा,आवड़ अघ हरणी!
दत्य दलण डाढाली, अवनी अवतरणी! ॐ जय अम्बे….
ग्राम सुवाप सुहाणो , धिन थलहट धरणी!
देवल माँ मेहा घर, जन्मी जग जननी! ॐ जय अम्बे….
राज दियो रिड़मल ने, कानो खय करणी!
धेन दुहत बणिये की, तारी कर तरणी!ॐ जय अम्बे….
शेखो लाय सिंध सूं, पेथड़ आचरणी!
दशरथ धान दिपायो, सांपू सुख शरणी!ॐ जय अम्बे….
जेतल भूप जिताड़्यो, कमरू दल दलणी!
प्राण बचाए बखत के , पीर कला हरणी! ॐ जय अम्बे….
परचा गिण नही पाऊ, माँ अशरण शरणी!
सोहण चरण शरण में,दास अभय करणी! ॐ जय अम्बे….
ॐ जय अम्बे करणी,मैया जय अम्बे करणी!
भक्त जनन भय संकट, पल छिन में हरणी।।
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