जय माँ सायर🙏
(दोहा)
मैं शरणागत सायरा,नानो बालक जाण!
दर्शण दे दयामयी, किरण बिखेरत भाण!!
" चिरजा"
दिज्यो दिज्यो सा सायर माँ,दरसाव,जोवां मायड़ बाट घणी....
किनिया कुल तारण तणी माँ आय लियो अवतार!
इक देशाणे तपे डोकरी, दुजी माले दरबार !!दिज्यो दिज्यो. ..(1)
डोढ्यां रो दरबारी मायड़, ल्याजै भैरव नाथ!
दाखां तणो दुबारो लिज्यो,ल्याज्यो नवलख साथ!!..दिज्यो....(2)
ऊँचौ ढाळा आसण मायड़,बैठो मन हरसाय !
शुभ निजरां सूं बाळ निहारो,कर कर कोड सवाय!! दिज्यो ..(3)
नाहीं नेम निभा सकूं मैं, ना ही जुगति जाप!
बाळक दोष क्षमा करिजै, थे ही हो मां बाप !! जोवां थांरी बाट... (4)
सुत शरणे रिछपाल मावडी़,राखी लोवड़ ओट!
पालावत रे हेले आजै, मत रखजै मन.... खोट !!(5)
दिज्यो दिज्यो ये सायर माँ दरसाव,
जोवां थांरी बाट घणी..
👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏
=========================
रिछपाल सिंह बारहठ कृत
(चारणवासी चूरू)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें