बुधवार, 19 दिसंबर 2018

SHRI AAWAD KARNI MAA KHATUNDRA RAY: chirja sayar mata ji

SHRI AAWAD KARNI MAA KHATUNDRA RAY: chirja sayar mata ji: जय माँ सायर��              (दोहा) मैं शरणागत सायरा,नानो बालक जाण!  दर्शण दे दयामयी, किरण बिखेरत भाण!!             " चिरजा&quo...

jai maa aawad karni

शनिवार, 15 दिसंबर 2018

श्री खटुन्दरा राय आरती

       (  ॐ ऐं ह्रीं क्ली चामुण्डायै विच्चै )
          आरती  श्री खटुन्दरा राय
टेर-आरती खटुन्दरा राई की, सकल सन्ताप  हराई की
        1--शीश पर मुकुट छत्र साजे ,
            भाल सिन्दूर तिलक राजे,
            माल गल पुष्पन की साजे,
  आवड़  अवतार, सजो सिणगार, छवि अणपार,
               सगत सब रास रचाई की,                                  सकल सन्ताप हराई की,  आरती खटुन्दरा राई की ।
               
          2--बाल नित दर्शन हित आवे,                                                दरस कर हिवड़ो हरसावे,
                 आरती री धुन्न अति भावे,
     नोपत निषाण,  घुरे घमसाण,  देवी दयावाण,                                    दया उर मात धराई की,
    सकल सन्ताप हराई की,आरती खटुन्दरा राई की।

            3--भाल पर राखों अंक थारा,
                 सहाई सगत रहो सारा,
                 सरण म सेवक मां थारा,
     बालक अनजान, देवो मां ज्ञान, धरू नित ध्यान,
                सरण सगत सुरराई की,
    सकल सन्ताप हराई की,आरती खटुन्दरा राई की।

        4--कपूर की लपट महक आली,
            सुपारी धूप-द्विप थाली,
            झारी है गंगा जल वाली,
     जग्गे मढं जोत, मात खुश होत, भक्त उभा भोत,
            दया निधि दरश दिराई की,
     सकल सन्ताप हराई की, आरती खटुन्दरा राई की।

         5--तुम्ही हो ब्रह्म जोत माता,
             देव गण सरणे सब आता ,
             ऊमर रोटी भक्त  तुम्हीं से पाता,
      सगत शीर मोड, काटे कष्ट करोड़, भक्त आवे दौड़,                           सरण सांची सुरराई की,
      सकल सन्ताप हराई की,आरती खटुन्दरा राई की ।

           6--आपरा दर्शन अति भारी,
              होय रही मण्ढ में जयकारी,  
              अनुपम महिमा है थारी,
     बड़ों दरबार,  मात सरकार,  करो जयकार,                                  जय देशाणा राई की,
    सकल सन्ताप हराई की,आरती खटुन्दरा राई की ।

       7--जेज पल एक मति किज्यो,
           भगत की झोली भर दिज्यो,
            हर्ष मोहे ज्ञान बुद्धि दिज्यों,
   रन्जु की लाज, रखो मां आज, करो मम् काज,                             सरण मां आवड़ आई की,
   सकल सन्ताप हराई की,आरती खटुन्दरा राई की •••
   
कृत--रन्जु कंवर बारेठ D/O वासुदेव सिंह बारेठ
गांव-- खटुन्दरा, खण्डेला, सीकर(राज•)

chirja sayar mata ji

जय माँ सायर🙏
             (दोहा)
मैं शरणागत सायरा,नानो बालक जाण! 
दर्शण दे दयामयी, किरण बिखेरत भाण!! 
           " चिरजा"
दिज्यो दिज्यो सा सायर माँ,दरसाव,जोवां मायड़ बाट घणी....
किनिया कुल तारण तणी माँ आय लियो अवतार! 
इक देशाणे तपे डोकरी, दुजी माले दरबार !!दिज्यो दिज्यो. ..(1)

डोढ्यां रो दरबारी मायड़, ल्याजै भैरव नाथ!
दाखां तणो दुबारो लिज्यो,ल्याज्यो नवलख साथ!!..दिज्यो....(2)

ऊँचौ ढाळा आसण मायड़,बैठो मन हरसाय !
शुभ निजरां सूं बाळ निहारो,कर कर कोड सवाय!! दिज्यो ..(3)

नाहीं नेम निभा सकूं मैं, ना ही जुगति जाप! 
बाळक दोष क्षमा करिजै, थे ही हो मां बाप !! जोवां थांरी बाट... (4)

सुत शरणे रिछपाल मावडी़,राखी लोवड़ ओट! 
पालावत रे हेले आजै, मत रखजै मन.... खोट !!(5)
दिज्यो दिज्यो ये सायर माँ दरसाव,
जोवां थांरी बाट घणी.. 
👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏
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रिछपाल सिंह बारहठ कृत 
    (चारणवासी चूरू)

शुक्रवार, 14 दिसंबर 2018

chirja shri khatundra ray

चिरजा.. खटुन्दरा राय री..
🙏===============🙏 
धिन.....खुन्टुन्दरा....राय..नमो, 
थांरो वेद विमल जस छाय रयो..
वेद विमल....जस छाय..रिया,
मढ़ सब रो मन लुभाय रियो..(टेर)
 
तम बढ्यो अवनी पर....भारी, 
जळ सगळो पाताळ .....गयो!
श्रापित हो वसुधा कांपी जद .
  सेवक मन संताप....भयो !!(1)
धिन खुन्टुन्दरा....राय.....नमो, 
थांरो वेद विमल जस छाय रयो..

 छोङ धाम नाडा...शक्तिसुत,
 अवनी पर आ ध्यान कियो !
ॠषी श्राप सू श्रापित धरणी,
जिण कारण अंधकार भयो!!(2)
धिन खुन्टुन्दरा....राय.....नमो, 
थांरो वेद विमल जस छाय रयो..

आकर सिमरी  जूनी.....जोगण,
माँ आवड़ जद दरस...... दियो !
भली बिराजो माढ धरा मांही,
ओ... ढुंढाड़ो....देश....भयो!!(3)
धिन खुन्टुन्दरा....राय.....नमो, 
थांरो वेद विमल जस छाय रयो...

सातों सगत्यां......राजी होकर ,
सुत ने सब....वरदान.....दियो!
उदर सूं जळ देकर माँ आवड़,
गांव खटुन्दरा...नाम...दियो !!(4)
धिन खुन्टुन्दरा....राय.....नमो, 
थांरो वेद विमल जस छाय रयो...

सेवग.....शरणे....सोरा....राखी,
अब  तो मायड़ ...मान...कहयो! 
शुभ री घडी़ आवो......सुरराया, 
दर्शण दे.... हरसाय...जियो !!(5)
 धिन खुन्टुन्दरा....राय.....नमो, 
थांरा वेद विमल जस छाय रयो....

आवो मायड़.....करूं....आरतो, 
सोहन झारो... साथ...लियो!!(6)
चरण पखारूं....मात... चाव सूं, 
सुगन्धित सुमन बिछाय...रहयो!! 
धिन खुन्टुन्दरा....राय.....नमो, 
थांरा वेद विमल जस छाय रयो....

आवड़ रूप... इन्द्रेश...पधारया, 
 मुरती सहित माँ थान....थप्यो! 
 जगमग जोत करी मढ.. मांही, 
  आवड़ नाम श्री मुख जप्यो..(8)
धिन.....खुन्टुन्दरा....राय.....नमो, 
थांरो वेद...विमल जस छाय रयो..

जुल्मी घणो......जगत है...अम्बा, 
पग पग पर...ऊळझाय.....रहयो! 
आवड़....एक...आधार है...थांरो, 
निशदिन मायड़ नाम..लियो!!(9)
धिन.....खुन्टुन्दरा....  राय..नमो, 
थांरो वेद विमल जस छाय रहयो..

सुत शरणे...कुलदीप...पालावत,
सुख सम्पत माँ....मांग.... रहयो!
बारठ रिछपाल चरण रे.....शरणे,
 चिरजा भेंट चढाय रहयो!!(10)

धिन.....खुन्टुन्दरा....राय..नमो, 
थांरो वेद विमल जस छाय रयो..

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