मंगलवार, 29 अक्टूबर 2019
सोमवार, 7 अक्टूबर 2019
Barh Maso
बारह मासो
दोहा
समरुं माता सरसती , अविचल वाणी आप ।
गुण गावूं गोविंद रा , टळे भवो भव पाप ।।1।।
कान छोड़ हमको गया , सघळे गोपी साथ ।।
प्रभु आय द्वारापुरी , राज करे रघुनाथ ।।2।।
म्हें रहूं गोकुळ गाम में , कान बतावो कोय ।।
अब जंखना ऐसी करुं ,श्याम संदेशो सोय ।।3।।
विधाता तमने विनवूं ,नहीं नेड़ो इ नेठ ।।
ऐकर माधव आवजो , जद आयो आ जेठ ।।4।।
छंद जाट सारसी
अब जेठ आयो लहर लायो संत सायो सामने
जादव जायो नाथ नायो केंण कायो कामने
मन वेंण वाता रंग राता गोपी गाता ज्ञान ने
भरपूर जोबन मांय भामण कहे राधा कान ने ।।1।।
दोहा:-
दिनड़ा गिणत मास गया ,काळी घटा घन काढ़ ।।
ऐकर माधव आवजो आयो मास आषाढ़ ।।
छंद
आषाढ़ आतो मेघ मातो वाय वातो वादळां
धर नीर धारा ऐम मोरा सांमी कोरा सांभळां
वाजीन्त्र वाजा गिरी गाजा मेली माजा मानने
भरपूर जोबन .................................।।2।।
दोहा
त्रिजो बेठो तव हिंसके , ऐणे पूरी आस ।।
अलबेला अब आवजो , (मन) मोहे सावण मास ।।
छंद
श्रावण सारा जरे जारा केक तारा कामणी
पेरे पटोळा रंग रसोळा भमे टोळा भामणी
शिणगार सजिये रूप रजिये अलील तजिये आमने
भरपूर जोबन ...................................।।3।।
दोहा
नह आवो तो नाथजी ,पाड़िश म्हारा प्राण ।।
गड़ड़ड़ अम्बर गाजियो , जोर भाद्रवों जाण ।।
छंद
भ्रमाय भाद्रव दहे दाद्रव अब जादव आवता
ग्रहे हेक गोरा साद सकोरा बहु मोरा बोलता
सत वेण सारूं मन म्हारूं धरे तारा ध्यान ने
भरपूर जोबन ................................।।4।।
दोहा
सात्राळ मों सहेलियां , रंग भेनुं ब्रज रास ।।
अलबेला अब आवजो , मोहकारी आसो मास ।।
छंद
आसो ऐम करुं केम प्रीति ऐम पूरीये ।
ओसिन्त्र आवे नींद नावे मन भावे मोहीये
नीर झरे नेणें जम जेणे सांम वेणे सानने
भरपूर जोबन..................................।।5।।
दोहा
सरवे आसो चालियो , हुओ मन अधक हुल्लास ।।
राधा कहि सुण गोपिका कही कारतक मास ।।
छंद
कारतक मासो आवे आसो मन सासो मावजी
जोवे फेर जाती रूड़े राती लता.गोपी लावजी
बुधवन्त डाया वेण वाया कणें काया कानने
भरपूर जोबन.….......…....................।।6।।
दोहा
संभा दौड़ी सांभळे , थीर नहीं मन थाय ।।
आवो व्रजवासी अबे , मगसर महिना मांय ।।
छंद
मगसर माधा मन बाधा जोवे राधा राजिये
गल गोप गेली बाळ बेली प्रीत पेली पोहिये
सोळ सो सहेली खेल खेली अलबेली आनने
भरपूर जोबन…...............................।।7।।
दोहा
धीरज राख़ो माधवा राख़ो नह मन रोष ।।
दाड़ा जावे दोयला , प्रभू बेठो पोष ।।
छंद
पोष ज पेला मन मेला अलबेला आणिये
तलखत संतर ऐम अंतर दहि थर थर दाझिये
कांनड़ काळा छो छोगाळा मर्म माळा मानने
भरपूर जोबन……...............................।।8।।
दोहा
सिणगार पहन शोभता , गीत घरो घर गाय ।।
तोरण बांध्यो अंब तणो , माह महीने मांय ।।
छंद
माह कारी जाय भारी नेह जारी नेण थी
सोहे सँभारी नेण धारी वारी वारी वेण थी
मुंजे छे माथण हाले हाथण सर्वे साथण सानने
भरपूर जोबन........................................।।9।।
दोहा
कपटी नावे कानजी , गिरधर गोकुळ गाम ।।
सुवास लगे सुहामणो ,फागण फूल फलाम ।।
छंद
फागण फंगा शोभे रंगा आप संगा ओपिये
मुळरंग माया नींद न आया कंस काया कोपिये
भामण भोळी रमे होळी तेम टोळी तांनने
भरपूर जोबन.......................................।।10।।
दोहा
अबळा अरजी आपिये , खुद राधा मन खंत ।
नेण चोधारा नीसरे , चेत्र लागो समंत ।।
छंद
चैत्र सांमी गरुड़ गामी अंतर जांमी आविये
गिरधर धारण कंस मारण धेन सारण धाविये
ब्रज बाळा सो छोगाळा वेश काळा वांनने
भरपूर जोबन.......................................।।11।।
दोहा
अढारे भार एक दृढ़ा ,वीठल फाळा वन्न ।।
कोयलड़ी टहुका करे , वैशाख वेळा दन्न ।।
छंद
वैशाख वळियो फूल फळियो ऐम वळियो आवियो
निरखंत नितंग राज रितंग गोपी गीतंग गावियो
मन मांय मधुरो प्रेम पूरो गाय भूरो ज्ञानने
भरपूर जोबन .…............................।।12।।
रचना कृत कानजी बारोट (टंकन मीठा मीर डभाल)
मंगलवार, 2 जुलाई 2019
diviyan in hindi
t; ek¡ vkoM+
देवियांण – भक्त कवि ईसरदासजी
छन्द- अडल
करता हरता श्रीं
ह्रींकारी, काली कालरयण कौमारी
ससिसेखरा सिधेसर नारी, जग नीमवण जयो जड़धारी।1।
ससिसेखरा सिधेसर नारी, जग नीमवण जयो जड़धारी।1।
धवा धवळगर धव धू
धवळा, क्रसना कुबजा कचत्री कमळा
चलाचला चामुंडा चपला, विकटाविकट भू बाला विमला ।2।
चलाचला चामुंडा चपला, विकटाविकट भू बाला विमला ।2।
सुभगा सिवा जया
श्री अंबा, परिया
परंमार पालंबा
पिसाचणि साकणि प्रतिबंबा, अथ आराधिजे अवलंबा।3।
पिसाचणि साकणि प्रतिबंबा, अथ आराधिजे अवलंबा।3।
सं कालिका सारदा
समया, त्रिपुरा
तारणि तारा त्रनया
ओहं सोहं अखया अभया, आई अजया विजया उमया ।4।
ओहं सोहं अखया अभया, आई अजया विजया उमया ।4।
छंद भुजंगी
देवी उम्मया
खम्मया ईसनारी, देवी
धारणी मुंड त्रिभुवन्नधारी
देवी सब्बदां रूप ओम रूप सीमा, देवी वेद पारक्ख धरणी ब्रहम्मा । 1।
देवी सब्बदां रूप ओम रूप सीमा, देवी वेद पारक्ख धरणी ब्रहम्मा । 1।
देवी कालिका मां
नमो भद्रकाली, देवी
दूरगा लाघवं चारिताली
देवी दानवा काल सुरपाल देवी, देवी साधकं चारणं सिद्ध सेवी ।2।
देवी दानवा काल सुरपाल देवी, देवी साधकं चारणं सिद्ध सेवी ।2।
देवी जख्खणी
भख्खणी देव जोगी, देवी
निर्मला भोज भोगी निरोगी
देवी मात जानेसुरी व्रन्न मेहा, देवी देव चामुंड संख्याति देहा ।3।
देवी मात जानेसुरी व्रन्न मेहा, देवी देव चामुंड संख्याति देहा ।3।
देवी भंजणी दैत
सेना समेता, देवी
नेतना तप्पना जय नेता
देवी कालिका कूबजा कामकामा, देवी रेणुका सम्मला रामरामा ।4।
देवी कालिका कूबजा कामकामा, देवी रेणुका सम्मला रामरामा ।4।
देव मालळी जोगणी
मत्त मेघा, देवी
वेधणी सूर असुरां उवेधा
देवी कामही लोचना हामकामा, देवी वासनी मेर माहेस वामा । 5।
देवी कामही लोचना हामकामा, देवी वासनी मेर माहेस वामा । 5।
देवी भूतड़ा
अम्मरी वीस भुजा, देवी
त्रीपुरा भैरवी रूप तूजा
देवी राखसं धोम रे रक्त रूती, देवी दुज्र्जटा विक्कटा जम्मदूती । 6।
देवी राखसं धोम रे रक्त रूती, देवी दुज्र्जटा विक्कटा जम्मदूती । 6।
देवी
गौर रूपा अखां नव्व निद्धी, देवी सक्कळा
अक्कळा स्रव्व सिद्धी
देवी व्रज्ज विमोहणी वोम वाणी, देवी तोतला xqaxyk कत्तियांणी । 7।
देवी व्रज्ज विमोहणी वोम वाणी, देवी तोतला xqaxyk कत्तियांणी । 7।
देवी
चन्द्रघ्ज्ञंटा महम्माय चंडी, देवी वीहळा अन्नळा
वाड्डवडडी
देवी जम्मघंटा onhtSa जडंबा, देवी साकणी डाकणी रूढ सब्बा । 8।
देवी जम्मघंटा onhtSa जडंबा, देवी साकणी डाकणी रूढ सब्बा । 8।
देवी कट्टकां
हाकणी वीर कंवरी, देवी
मात वागेसरी महागवरी
देवी दंडणी देवबैरी उदंडा, देवी विज्जया जया दैतां विखंडा । 9।
देवी दंडणी देवबैरी उदंडा, देवी विज्जया जया दैतां विखंडा । 9।
देवी खेचरी भूचरी
भद्र खेमा, देवी
पद्मणी सोभणी कलह प्रेमा
देवी जम्मणी मक्ख आहूति ज्वाला, देवी वाहिनी मन्त्र लीला विसाला ।10।
देवी जम्मणी मक्ख आहूति ज्वाला, देवी वाहिनी मन्त्र लीला विसाला ।10।
देवी मंगळा वीजळा
रूप मघ्धे, देवी
अब्बला सब्बला वोम अघ्धे
देवी स्रग्ंग सूं ऊतरी सिव माथे, देवी सगर सुत हेत भगिरथ्थ साथे।11!
देवी स्रग्ंग सूं ऊतरी सिव माथे, देवी सगर सुत हेत भगिरथ्थ साथे।11!
देवी हारणी पाप
श्री हरि रूपा, देवी
पावनी पतितां तीर्थ भूपा
देवी पुन्य रूपं देवी प्रम्म रूपं, देवी क्रम्म रूपं देवी ध्रम्म रूपं ।12।
देवी पुन्य रूपं देवी प्रम्म रूपं, देवी क्रम्म रूपं देवी ध्रम्म रूपं ।12।
देवी नीर देख्यां
अघ ओघ नासे, देवी
आतमानंद हिये हुलासे
देवी देवता स्रब्ब तूं मां निवासे, देवी सेवते सिव सारूप् भासे।13।
देवी देवता स्रब्ब तूं मां निवासे, देवी सेवते सिव सारूप् भासे।13।
देवी नाम भागीरथी
नाम गंगा, देवी
गंडकी गोगरा रामगंगा
देवी सर्सति जम्मनां सहरी सिद्धा, देवी त्रिवेणी त्रिस्थली ताप रूद्धा ।14।
देवी सर्सति जम्मनां सहरी सिद्धा, देवी त्रिवेणी त्रिस्थली ताप रूद्धा ।14।
देवी सिन्धु
गोदावरी मही संगा, देवी
गोमति घम्मला बाणगंगा
देवी नर्मदा सारजू सदा नीरा, देवी गल्लका तुंगभद्रा गंभीरा।15।
देवी नर्मदा सारजू सदा नीरा, देवी गल्लका तुंगभद्रा गंभीरा।15।
देवी कावेरी तपि
करना कपीला, देवी
सोण सतलज्ज भीमा सुसीला
देवी गोमगंगा देवी वोमगंगा, देवी गुप्तगंगा सुची रूप अंगा।16।
देवी गोमगंगा देवी वोमगंगा, देवी गुप्तगंगा सुची रूप अंगा।16।
देवी निझरण नवे सो
पदी नाला, देवी
तोय ते तवां रूपं तुहाला
देवी मथुरा माईया मोक्षदाता, देवी अवंती अजोध्या अघ्घहाता ।17।
देवी मथुरा माईया मोक्षदाता, देवी अवंती अजोध्या अघ्घहाता ।17।
देवी कहां द्वारामती
कांचि कासी,देवी
सातपुरील परम्मा निवासी
देवी रंग रंगे आप रूपे, देवी घृत नैवेद ले दीप धूपे ।18।
देवी रंग रंगे आप रूपे, देवी घृत नैवेद ले दीप धूपे ।18।
देवी रग्त बंबाळ
गळमाळ रूंडा, देवी
मढ पाहारणी चंड Ekq.M
देवी भाव स्वादे हसंते वकत्रे, देवी पाणपाणां पिये मद्य i=s ।19।
देवी भाव स्वादे हसंते वकत्रे, देवी पाणपाणां पिये मद्य i=s ।19।
देवी सहस्रं लखं
कोटीक साथे, देवी
मंडणी जुद्ध मैखास माथे
देवी चापडे़ चंड ने मुंड चीना, देवी देवद्रोही दुहू धमी दीना।20!
देवी चापडे़ चंड ने मुंड चीना, देवी देवद्रोही दुहू धमी दीना।20!
देवी धूमलोचन्न
हूंकार धोंस्यो, देवी
जाडबा में रग्तबीज सोस्यो
देवी मोड़ियो माथ निसंभ मोड़े, देवी फोड़ियो संुभ जीं कुंभ फोडे़।21।
देवी मोड़ियो माथ निसंभ मोड़े, देवी फोड़ियो संुभ जीं कुंभ फोडे़।21।
देवी
lqEHk uhlqEHk
दर्पान छळिया, देवी देव स्रग थापिया दैत दळिया
देवी संघ सूरांतणां काज सीधा, देवी क्रोड़ तेतस उच्छाह कीधा।22।
देवी संघ सूरांतणां काज सीधा, देवी क्रोड़ तेतस उच्छाह कीधा।22।
देवी गाजता दैत ता
वंस गमिया, देवी
नवे खंड त्रिभुवन तूझ नमिया
देवी वन्न में समाधी सरथ व्रन्नी, देवी पूजते आसपूर्णा प्रसन्नी ।23।
देवी वन्न में समाधी सरथ व्रन्नी, देवी पूजते आसपूर्णा प्रसन्नी ।23।
देवी वैस सुरथ्थ
रा दीह वळिया, देवी
तवन तोरा कियां सोक टळिया
देवी मारकण्डे महापाठ बांध्यो, देवी लगो तव पाय नो पार लाध्यो ।24।
देवी मारकण्डे महापाठ बांध्यो, देवी लगो तव पाय नो पार लाध्यो ।24।
देवी सप्तमी अटमी
नो नूजा, देवी
चैथ चैदस्स पूनम्म पूजा
देवी सर्सती लक्खमी महाकाळी, देवी कन्न विष्णु ब्रहम्मा कमाळी ।25।
देवी सर्सती लक्खमी महाकाळी, देवी कन्न विष्णु ब्रहम्मा कमाळी ।25।
देवी रघ्ग्त
नीलमंणी सीत रंगं, देवी
रूप अंबार विरूप् अंगं
देवी बाळ युवा व्रधं वेषवाळी, देवी विस्व रखवाळ वीसां भुजाळी ।26।
देवी बाळ युवा व्रधं वेषवाळी, देवी विस्व रखवाळ वीसां भुजाळी ।26।
देवी वैस्णवी
महेसी ब्रहम्माणी, देवी
इन्द्राणी चन्द्राणी रनांरांणी
देवी नारसिंघी वराही विख्याता, देवी इला आधार आसूर हाता ।27।
देवी नारसिंघी वराही विख्याता, देवी इला आधार आसूर हाता ।27।
देवी कौमारी
चामुंडा विजैकारी, देवी
कुबेरी भैरवी क्षेमकारी
देवी मृगेंस ब्रख्ख हस्ती मइखे, देवी पंख केकी गरूड़ धिरट पंखे ।28।
देवी मृगेंस ब्रख्ख हस्ती मइखे, देवी पंख केकी गरूड़ धिरट पंखे ।28।
देवी
रथ्थ रेवंत सारंग राजे, देवी विमाणं पालखी
पीठ व्राजे
देवी प्रेत आरूढ vk:< iù] देवी सागरं सुमेरू गूढ lù ।29।
देवी प्रेत आरूढ vk:< iù] देवी सागरं सुमेरू गूढ lù ।29।
देवी वाहनं नाम कै
वप्पवाळी, देवी
खग्ग सूळधरा खप्पराळी
देवी कोप रे रूप मे काळजेता, देवी कृपा रे रूप् माता जणेता ।30।
देवी कोप रे रूप मे काळजेता, देवी कृपा रे रूप् माता जणेता ।30।
देवी जग्त कत्र्ता
र भत्र्ता संहरता, देवी
चराचर जग्ग सब मे विचरता
देवी चार धामं स्थल अस्ट साठे, देवी पाविये एकसो पीठ आठे ।31।
देवी चार धामं स्थल अस्ट साठे, देवी पाविये एकसो पीठ आठे ।31।
देवी माइ हिंगोळ
पच्छम माता, देवी
देव देवाधि वरदान दाता
देवी गन्द्रपांवास अर्बद्द् गा्रमे, देवी थाण उडियाण समसाण ठामे ।32।
देवी गन्द्रपांवास अर्बद्द् गा्रमे, देवी थाण उडियाण समसाण ठामे ।32।
देवी गढ़े कोटे
गरन्नार गोखे, देव
सिन्धु वेला सवालाख सोखे
देवी कामरू पीठ अघ्घोर कुंडे, देवी खंखरे दु्रमे कस्मेर खण्डे ।33।
देवी कामरू पीठ अघ्घोर कुंडे, देवी खंखरे दु्रमे कस्मेर खण्डे ।33।
देवी उत्तरा
जोगणीपर उजेणी, देवी
भाल भरूअच्च भजनेर भेणी
देवी देव जालंधरी सप्त दीपे, देवी कंदरे सख्खरे वाव कूपे। 34।
देवी देव जालंधरी सप्त दीपे, देवी कंदरे सख्खरे वाव कूपे। 34।
देवी मेटलीमाळ
घूमे गरब्बे, देवी
काछ कन्नोज आसाम अंबे
देवी सब्ब खंडे रसा गीरिश्रंगे, देव वंकड़े दुर्गमे ठां विहंगे ।35।
देवी सब्ब खंडे रसा गीरिश्रंगे, देव वंकड़े दुर्गमे ठां विहंगे ।35।
देवी वम्मेर डंगरे
रन्न वन्ने, देव
थंबड़े लींबड़े थन्न थन्ने
देव झंगरे चाचरे झब्ब झब्बे, देवी अंबरे अंतरीखे अलंबे ।36।
देव झंगरे चाचरे झब्ब झब्बे, देवी अंबरे अंतरीखे अलंबे ।36।
देवी निर्झरे
तरवेर नगे नेसे, देव
दिसे अवदिसे देसे विदेसे
देवी सागरं बेठड़े आप संगे, देवी देहरे घरे देवी दुरंगे ।37।
देवी सागरं बेठड़े आप संगे, देवी देहरे घरे देवी दुरंगे ।37।
देव सांगर सीप मे
अमी श्रावे, देवी
पीठ तव कोटि पच्चास पावे।
देवी वेलसा रूप् सांमद बाजे, देव बादळा रूप् गैणाग गाजे ।38।
देवी वेलसा रूप् सांमद बाजे, देव बादळा रूप् गैणाग गाजे ।38।
देव मंगगळारूप तूं
ज्वाळ माळा, देवी
कंठळा रूप् तूं मेघ काळा
देवी अन्नलं रूप आकास भम्मे, देवी मानवां रूप् म्रतलोक रम्मे ।39।
देवी अन्नलं रूप आकास भम्मे, देवी मानवां रूप् म्रतलोक रम्मे ।39।
देव पन्नगां रूप
पाताळ पेसे, देवी
देवता रूप तूं स्रग्ग देसे
देव प्रम्म रे रूप् पिंड पिंड पीणी, देवी सून रे रूप ब्रहाण्ड लीणी ।40।
देव प्रम्म रे रूप् पिंड पिंड पीणी, देवी सून रे रूप ब्रहाण्ड लीणी ।40।
देवी आताम रूप
काया चलावे, देवी
काया रे रूप आतम खिलावे
देव रूप वासन्त रे वन्न राजे, देव आग रे रूप तूं वन्न दाझे ।41।
देव रूप वासन्त रे वन्न राजे, देव आग रे रूप तूं वन्न दाझे ।41।
देवी नीर रे रूप
तूं आग ठारे, देवी
तेज रे रूप तूं नीर हारे
देवी ज्ञान रे रूप तूं जग्त व्यापी, देवी जग्त रे रूप तूं धर्म थापी ।42।
देवी ज्ञान रे रूप तूं जग्त व्यापी, देवी जग्त रे रूप तूं धर्म थापी ।42।
देवी धर्म रे रूप
सिव सक्ति जाया, देवी
सिव सक्ति रूपे सत्त माया
देवी सत्त रे रूप तूं सेस मांही, देवी सेस रे रूप रे सिर धरा साही।43।
देवी सत्त रे रूप तूं सेस मांही, देवी सेस रे रूप रे सिर धरा साही।43।
देवी धरा रे रूप
खमया कहावे, देवी
खम्मया रूप तूं काळ खावे
देवी काळ रे रूप उदंड वाये, देवी वायु जळ रूप कल्पान्त थाये।44।
देवी काळ रे रूप उदंड वाये, देवी वायु जळ रूप कल्पान्त थाये।44।
देवी
कल्प रे रूप कल्पान्त दीपे, देवी विष्णु रे रूप
कल्पान्त जीपे
देवी नींद रे रूप चख विसन रूढी, देवी विसन रे रूप rwa नाम पूढी।45।
देवी नींद रे रूप चख विसन रूढी, देवी विसन रे रूप rwa नाम पूढी।45।
देवी नाभ रे कमळ
ब्रळा निपाया, देवी
ब्रह्म रे रूप मधुकीट जाया
देवी रूप मधुकीट ब्रह्म डराये, देवी ब्रह्म रे रूप विष्णु जगाये।46।
देवी रूप मधुकीट ब्रह्म डराये, देवी ब्रह्म रे रूप विष्णु जगाये।46।
देवी
विष्णु रे रूप जंघा वधारे, देवी eaqdqUn रे रूप मधुकीट मारे
देवी सावित्री गायत्री प्रम्म ब्रम्मा, देवी साच तण मेलिया जोग सम्मा।47।
देवी सावित्री गायत्री प्रम्म ब्रम्मा, देवी साच तण मेलिया जोग सम्मा।47।
देवी सूनी रे दूध
तें खीर रांधी, देवी
मरकंड रूप तें भ्रांत बांधी
देवी मन्त्र मूलं देवी बीज बाला, देवी वापणी स्रब्ब लीला विसाला।48।
देवी मन्त्र मूलं देवी बीज बाला, देवी वापणी स्रब्ब लीला विसाला।48।
देवी
आद अन्नाद ओंकार वाणी, देवी हेक हंकार
ह्नींकार जाणी
देवी आप ही आप vkika उपाया, देवी जोगनिद्रा भवं तीन जाया ।49।
देवी आप ही आप vkika उपाया, देवी जोगनिद्रा भवं तीन जाया ।49।
देवी मन्नछा माइया
जग्ग माता, देवी
ब्रम्म गोविंद संभु विधाता
देवी सिद्धि रे रूप नव नाथ साथे, देवी रिद्धि रे रूप धनराज हाथे।50।
देवी सिद्धि रे रूप नव नाथ साथे, देवी रिद्धि रे रूप धनराज हाथे।50।
देवी
वेद रे रूप rwa ब्रम्म वाणी, देवी जोग रे रूप मछन्द्र जाणी
देवी दान रे रूप बळराव दीधी, देवी सत्त रे रूप हरचन्द सीधी।51।
देवी दान रे रूप बळराव दीधी, देवी सत्त रे रूप हरचन्द सीधी।51।
देवी रढ्ढ रे रूप
दसकंध रूठी, देवी
सील रे रूप सौमित्र तूठी
देवी सारदा रूप पींगल प्रसन्नी, देवी मांण रे रूप दुजोंण मन्नी। 52।
देवी सारदा रूप पींगल प्रसन्नी, देवी मांण रे रूप दुजोंण मन्नी। 52।
देवी गदा रे रूप
भुज भीम साई, देवी
साच रे रूप् जुहिठल्ल ध्याई
देवी कुन्ती रे रूप तें कर्ण कीधा, देवी सासत्रां रूप सैदेव सीधा।53।
देवी कुन्ती रे रूप तें कर्ण कीधा, देवी सासत्रां रूप सैदेव सीधा।53।
देवी बांण रे रूप
अर्जुण बन्नी, देवी
द्रौपदी रूप पांचां पतन्नी
देवी पांच ही पांडवां परे तूठी, देवी पांडवी कौरवां परे रूठी।54।
देवी पांच ही पांडवां परे तूठी, देवी पांडवी कौरवां परे रूठी।54।
देवी पांडवां
कौरवां रूप बांधा, देवी
कौरवां भीम रे रूप खाधा
देवी अर्जुणं रूप जैद्रथ्थ मार्यो, देवी जैद्रथ्थ रूप सौभद्र टार्यो ।55।
देवी अर्जुणं रूप जैद्रथ्थ मार्यो, देवी जैद्रथ्थ रूप सौभद्र टार्यो ।55।
देवी रेणुका रूप
तें राम जाया, देवी
राम रे रूप खत्री खपाया
देवी खत्रियां रूप दुजराम जीता, देवी रूप दुजराम रे रग्त पीता।56।
देवी खत्रियां रूप दुजराम जीता, देवी रूप दुजराम रे रग्त पीता।56।
देवी रग्त रे रूप
तूं जग्त जाता, देवी
जोगणी रूप तूं जग्त माता
देवी मात रे रूप तूं अमी श्रावे, देवी बाळ रे रूप तूं खीर धावं।57।
देवी मात रे रूप तूं अमी श्रावे, देवी बाळ रे रूप तूं खीर धावं।57।
देवी जस्सुदा रूप
कान्ह दुलारे, देवी
कान्हा रे रूप तूं कंस मारे
देवी चामुंडा रूप खेतल हुलावे, देवी खेतला रूप नारी खिलावे । 58।
देवी चामुंडा रूप खेतल हुलावे, देवी खेतला रूप नारी खिलावे । 58।
देवी
नारि रे रूप पुरसां धुतारी, देवी पुरसां रूप
नारी पियारी
देवी रोहणी रूप rwa सोम भाos] देवी सोम रे रूप तूं सुधा श्रावे ।59।
देवी रोहणी रूप rwa सोम भाos] देवी सोम रे रूप तूं सुधा श्रावे ।59।
देवी
रूकमणी रूप तूं कान्ह सोहे, देवी कान्ह रे रूप
तूं गोपि मोहे
देवी सीत रे रूप rwa राम साथे, देवी राम रे रूप तूं भग्त हाथे।60।
देवी सीत रे रूप rwa राम साथे, देवी राम रे रूप तूं भग्त हाथे।60।
देवी
सावित्री रूप czEgk सोहाणी, देवी czEgk
रे रूप तूं निगम वाणी
देवी गोरजा रूप rwa रूद्र राता, देवी रूद्र रे रूप rwa जोग धाता । 61।
देवी गोरजा रूप rwa रूद्र राता, देवी रूद्र रे रूप rwa जोग धाता । 61।
देवी
जोग रे रूप गोरख्ख जागे, देवी गोरखं रूप
माया न लागे
देवी माइया रूप तें विष्णु बांधा, देवी विष्णु रे रूप rsa दैत खाधा। 62।
देवी माइया रूप तें विष्णु बांधा, देवी विष्णु रे रूप rsa दैत खाधा। 62।
देवी
दैत रे रूप rsa देव ग्रहिया, देवी देव रे रूप कै दनुज दहिया
देवी मच्छ रे रूप तूं संख मारी, देवी संखवा रूपा तूं वेद हारी। 63।
देवी मच्छ रे रूप तूं संख मारी, देवी संखवा रूपा तूं वेद हारी। 63।
देवी
वेद सुद वार रूपे कराया, देवी चारणं वेद
तें वार पाया
देवी लक्खमी रूप तें भेद दीधा, देवी राम रे रूप rsa रतन लीधा। 64।
देवी लक्खमी रूप तें भेद दीधा, देवी राम रे रूप rsa रतन लीधा। 64।
देवी दसरथं रूप
श्रवणं विडारी, देवी
श्रवणं रूप पितु मात तारी
देवी केकयी रूप तें कूड़ कीधा, देवी राम रे रूप वनवास लीधा। 65।
देवी केकयी रूप तें कूड़ कीधा, देवी राम रे रूप वनवास लीधा। 65।
देवी मृग्ग रे रूप
तें सीत मोई, देवी
राम रे रूप पाराध होई
देवी बाण रे रूप मारीच मारी, देवी मार मारीच लखणं पुकारी।66।
देवी बाण रे रूप मारीच मारी, देवी मार मारीच लखणं पुकारी।66।
देवी लख्खणं राम
पीछे पठाई, देवी
रावणं रूप सीता हराई
देवी सक्रारी रूप हनमंत ढाळी, देवी रूप हनमंत लंका प्रजाळी।67।
देवी सक्रारी रूप हनमंत ढाळी, देवी रूप हनमंत लंका प्रजाळी।67।
देवी सांग रे रूप
लखणं विभाडे, देवी
लक्खणं रूप घननाद पाडे
देवी खगेस रूप तें नाग खाधा, देवी नाग रे रूप हरसेन बाधा ।68।
देवी खगेस रूप तें नाग खाधा, देवी नाग रे रूप हरसेन बाधा ।68।
देवी e`Xx js रूप rsa
राम छळिया, देवी राम रे रूप दसकंध दळिया
देवी कान्ह रे रूप गिरि नक्ख चाडे, देवी नक्ख रे रूप ह्रणकंस फाडे ।69।
देवी कान्ह रे रूप गिरि नक्ख चाडे, देवी नक्ख रे रूप ह्रणकंस फाडे ।69।
देवी नाहरं रूप
ह्रणकंस खाया, देवी
रूप ह्रणकंस इन्द्रं हराया
देवी इन्द्र रे रूप तूं जग्ग तूठी, देवी जग्ग रे रूप तूं अन्न बूठी।70।
देवी इन्द्र रे रूप तूं जग्ग तूठी, देवी जग्ग रे रूप तूं अन्न बूठी।70।
देवी रूप हैग्रीव
रे निगम सूस्या, देवी
हैग्रीव रूप हैग्रीव धूस्या
देवी राहु रे रूप तें अमी हरिया, देवी विष्णु रे रूप तें चक्र फरिया।71।
देवी राहु रे रूप तें अमी हरिया, देवी विष्णु रे रूप तें चक्र फरिया।71।
देवी संकर रूप
त्रीपूर वीधा, देवी
त्रीपुरं रूप त्रीपुर लीधा
देवी ग्राह रे रूप तें गज्ज ग्राया, देवी गज्ज गोविन्द रूपे छुडाया । 72।
देवी ग्राह रे रूप तें गज्ज ग्राया, देवी गज्ज गोविन्द रूपे छुडाया । 72।
देवी दधीची रूप
तें हाड दीधो, देवी
हाड रो तख्ख तें वज्र कीधे
देवी वज्र रे रूप तें व्रत्र नास्यो, देवी व्रत्र रे रूप तें सक्र त्रास्यो।73।
देवी वज्र रे रूप तें व्रत्र नास्यो, देवी व्रत्र रे रूप तें सक्र त्रास्यो।73।
देवी नारदं रूप
तें प्रस्न नाख्या, देवी
हंस रे रूप तत ज्ञान भाख्या
देवी ज्ञान रे रूप तूं गहन गीता, देवी कृष्ण रे रूप गीता कथीता ।74।
देवी ज्ञान रे रूप तूं गहन गीता, देवी कृष्ण रे रूप गीता कथीता ।74।
देवी बालमिक व्यास
रूपे तूं कृतं, देवी
रामायण पुराणे भागवतं
देवी काबा रे रूप तूं पाथ लूटे, देवी पाथ रे रूप भाराथ जूटे । 75।
देवी काबा रे रूप तूं पाथ लूटे, देवी पाथ रे रूप भाराथ जूटे । 75।
देवी रूप अंधेर रे
सूर गंजे, देवी
सूरजं रूप अंधेर भंजे
देवी मैख रे रूप देवां डरावे, देवी देवता रूप तूं मैख खावे ।76।
देवी मैख रे रूप देवां डरावे, देवी देवता रूप तूं मैख खावे ।76।
देवी तीर्थ रे रूप
अघ विषम टारे, देवी
ईस्वरं रूप अधमं उधारे
देवी पौन रे रूप तूं गरूड़ पाडे, देवी गरूड़ रे रूप चत्रभूज चाडे। 77।
देवी पौन रे रूप तूं गरूड़ पाडे, देवी गरूड़ रे रूप चत्रभूज चाडे। 77।
देवी
माणसर रूप मुगता निपावे, देवी मरालं रूप
मुगता तुं पावे
देवी वामणं रूप बळराव भाMsa, देवी रूप बळराव मेरू उपाडे़।78।
देवी वामणं रूप बळराव भाMsa, देवी रूप बळराव मेरू उपाडे़।78।
देवी मेरगिर रूप
सायर वरोळे, देवी
सायरं रूप गिरमेर बोळे
देवी कूर्म रे रूप तूं मेर पूठी, देवी वाडवा रूप तूं आग उठी ।79।
देवी कूर्म रे रूप तूं मेर पूठी, देवी वाडवा रूप तूं आग उठी ।79।
देवी आग रे रूप
सुर असुर डरिया, देवी
सरसती रूप तें तेथ धरिया
देवी घड़ा रे रूप अगसत्त दीधो, देवी अगस्तं रूप सामन्द पीधो। 80।
देवी घड़ा रे रूप अगसत्त दीधो, देवी अगस्तं रूप सामन्द पीधो। 80।
देवी
leqUnzj रूप rsa
हेम छळिया, देवी पांडवं हेम रे रूप गळिया
देवी पांडवां रूप तें भ्रांत भांगी, देवी भ्रांत रे रूप तूं राम लागी ।81।
देवी पांडवां रूप तें भ्रांत भांगी, देवी भ्रांत रे रूप तूं राम लागी ।81।
देवी राम रे रूप
तंw भगत तूठी, देवी भगत रे रूप वैकुंठ वूठी
देवी रूप बैकुंठ परब्रह्म वासी, देवी रूप परब्रह्म सब मे निवासी।82।
देवी रूप बैकुंठ परब्रह्म वासी, देवी रूप परब्रह्म सब मे निवासी।82।
देवी ब्रह्म तूं
विष्णु अज रूद्रराणी, देवी
वाण तंw खाण तूं भूत प्राणी
देवी मन्नं तंw पवन तंw मोख माया, देवी क्रम्म तूं ध्रम्म तूं जीव काया ।83।
देवी मन्नं तंw पवन तंw मोख माया, देवी क्रम्म तूं ध्रम्म तूं जीव काया ।83।
देवी नाद तूं
बिन्दु तूं नव्व नि़f), देवी सीव तूं सक्ति तूं स्रब्ब सिद्धी
देवी बापड़ा मानवी कांई बूझे, देवी ताहरा पार तूं हीज सूझे । 84।
देवी बापड़ा मानवी कांई बूझे, देवी ताहरा पार तूं हीज सूझे । 84।
देवी
तूंज जाणे गती गहन तोरी, देवी तत्त रूपं
गती rawज मोरी
देवी रोग भव हारणी
त्राहि मामं, देवी पाहि पाहि देवी पाहि मामं । 85।
छप्पय
रगता सेता रणा, नमो मां क्रसना नीला, सीकोतरी
आसुरी, सुरी सुसिला गरवीला
दीरघा लघु वपु द्रढा, सबेही रूप विरूपा,
दीरघा लघु वपु द्रढा, सबेही रूप विरूपा,
वकला सकला व्रजा, उपावण आप आपुण
घण पवण हुतासण सूं प्रबळ, चामुंडा वन्दू चरण
कवि पार तूझ ईसर कहें, कालीका जाणे कवण ।1।
घण पवण हुतासण सूं प्रबळ, चामुंडा वन्दू चरण
कवि पार तूझ ईसर कहें, कालीका जाणे कवण ।1।
घम घमंत घुघरी, पाय नेवरी रणंझण
डम डमंत डाकली, ताल ताळी बज्जे तण
पाय सिंघ गळ अड़े, चक्र झळहळे चउदह
मळे क्रोड तेतीस, उदो सुरियंद अणंदह
अदभूत रूप सकती अकळ, प्रंेत दूत पालतियं
गहगहे वार डमरू डहक, महंमाय आवतियं ।2।
डम डमंत डाकली, ताल ताळी बज्जे तण
पाय सिंघ गळ अड़े, चक्र झळहळे चउदह
मळे क्रोड तेतीस, उदो सुरियंद अणंदह
अदभूत रूप सकती अकळ, प्रंेत दूत पालतियं
गहगहे वार डमरू डहक, महंमाय आवतियं ।2।
चढे़ सिंघ चामुंड, कमळ हंwकारव कध्धो,
डरो चरंतो देख, असुर भागियो अवध्धो,
आदि सक्ति आपडे, रूक वाहिये रमंता,
खाळ रगत खळहळे, ढळे ढींगोळ धरंता,
हींगोळराय अठ दस हथी, भ्रखे मैख भुवनेसरी,
कवि जोड़ पाण ईसर कहे, उदो उदो आसपुरी।3।
डरो चरंतो देख, असुर भागियो अवध्धो,
आदि सक्ति आपडे, रूक वाहिये रमंता,
खाळ रगत खळहळे, ढळे ढींगोळ धरंता,
हींगोळराय अठ दस हथी, भ्रखे मैख भुवनेसरी,
कवि जोड़ पाण ईसर कहे, उदो उदो आसपुरी।3।
izrki
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